राज्य के सुदूर सीमांत इलाकों से लेकर मैदानी कस्बों तक नागरिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए शासन ने एक बहुत बड़ा वित्तीय फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर में पेयजल, सौर ऊर्जा, सड़क निर्माण, पार्किंग और प्रशासनिक सुरक्षा से जुड़ी दर्जनों परियोजनाओं के लिए 39.87 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी पर अंतिम मुहर लगा दी है। शासन का मुख्य जोर उन ढांचागत कार्यों को तेजी से पूरा करने पर है, जहां तकनीकी अड़चनें थीं या फिर पैसों की कमी के कारण काम बीच में ही रुका हुआ था।
सीमांत पर्यटन और नंदा राजजात पड़ाव पर खास फोकस
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में स्थित वाण गांव सामरिक और सांस्कृतिक दोनों ही नजरिए से बेहद खास माना जाता है। सरकार ने यहां निर्माणाधीन हेलीपैड के बचे हुए कामों को समय पर पूरा करने के लिए 1.88 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी है। यह इलाका प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा का मुख्य बेस कैंप और अहम पड़ाव भी है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी आमद को देखते हुए वाण हेलीपैड के पास सरफेस पार्किंग और पब्लिक टॉयलेट के निर्माण के लिए 1.36 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। इसके अलावा, मुन्दोली के डनाला तोक में 40.22 लाख रुपये और सुराई तोक में 30 लाख रुपये की लागत से अस्थायी वाहन पार्किंग बनाई जाएगी, जिससे ट्रैकर्स और पर्यटकों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
दूसरी ओर, पिथौरागढ़ के सीमांत धारचूला कस्बे में भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली काली नदी के किनारे 6.00 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार पैदल सैरगाह (Riverfront Development) का निर्माण किया जाएगा। सिंचाई विभाग की विशेष परियोजना खंड इस काम को धरातल पर उतारेगी। साथ ही, डीडीहाट के किरौली स्कूल से जैतबुगा तक सीसी मार्ग के लिए 74.44 लाख रुपये और कनालीछीना के भौतली गांव में आंतरिक सीसी सड़क के लिए 80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
एसटीपी पर सोलर ग्रिड और आधुनिक जल परीक्षण लैब
हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को ग्रिड-कनेक्टेड सोलर सिस्टम से जोड़ा जाएगा। देहरादून जिले के 26 एमएलडी क्षमता वाले लक्कड़घाट (ऋषिकेश-जगजीतपुर) एसटीपी और को-ट्रीटमेंट प्लांट पर सोलर पैनल लगाने के लिए 4.30 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। वहीं, टिहरी जिले के चोरपानी (ऋषिकेश) स्थित 5.0 एमएलडी एसटीपी पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए 2.15 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
जनस्वास्थ्य और शुद्ध पेयजल की कड़ी मॉनिटरिंग के लिए नैनीताल जिले के हल्द्वानी में कुमाऊं क्षेत्र की अत्याधुनिक राज्य स्तरीय जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिसके लिए 2.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा, देहरादून के वार्ड नंबर 60 स्थित मधुवन एन्क्लेव में ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक के निर्माण के लिए 4.98 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।
संपर्क मार्गों का सुधार और मानसून से हुए नुकसान की भरपाई
पहाड़ी जिलों में आवागमन को पूरी तरह सुगम बनाने के लिए पौड़ी विधानसभा के निसनी लिंक मोटर मार्ग के सुधार के वास्ते 3.17 करोड़ रुपये और चम्पावत के बूढ़ाखेत-अमकड़िया मोटर मार्ग के लिए 1.67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। टिहरी गढ़वाल के थौलधार ब्लॉक में उप्पू से औलणी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए 3.25 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, धर्मनगरी हरिद्वार के भेल रानीपुर क्षेत्र में चार प्रमुख अंदरूनी सड़कों के चौड़ीकरण और डामरीकरण पर 3.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अलमोड़ा के जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सिद्धेश्वर मंदिर (दन्या) के सौंदर्यीकरण के लिए 97.08 लाख रुपये मिले हैं। इसके अतिरिक्त, पर्वतीय क्षेत्रों में हालिया मानसून की बारिश से तबाह हुई सड़कों को तुरंत चलने लायक (मोटरेबल) बनाने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) से लोक निर्माण विभाग को 1.00 करोड़ रुपये और ग्राम्य विकास विभाग को 50 लाख रुपये अग्रिम तौर पर जारी किए गए हैं। साथ ही, न्यायिक परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नैनीताल स्थित माननीय उच्च न्यायालय में हाई-डिफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए 77.29 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार की ओर से सभी कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बजट की पहली किस्त मिलते ही तुरंत टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाए और तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
