उत्तराखंड की चुनावी राजनीति में एक बार फिर बड़ा उबाल आ गया है। कांग्रेस पार्टी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी का सीधा आरोप है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था होने के बावजूद निष्पक्ष काम करने के बजाय केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के इशारों पर नाच रहा है। इसी तल्खी के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के आह्वान पर 25 सितंबर को पूरे देश में निर्वाचन दफ्तरों के घेराव का फैसला लिया गया है, जिसकी तपिश देहरादून की सड़कों पर भी साफ दिखेगी।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को एकजुट होकर इस विरोध प्रदर्शन में उतरने का सीधा फरमान जारी किया है। कांग्रेस का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है, जिसे पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल: गंभीर आरोपों की झड़ी
दरअसल, कांग्रेस की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया बनी है। पार्टी का खुला आरोप है कि उत्तराखंड समेत जिन राज्यों में आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां इस प्रक्रिया की आड़ में धांधली की जा रही है। गणेश गोदियाल का कहना है कि चुन-चुनकर आम लोगों के वोट काटे जा रहे हैं ताकि चुनाव नतीजों को प्रभावित किया जा सके।
कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की निष्पक्षता पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सीधा बयान देते हुए कहा कि आयोग के शीर्ष अधिकारी संवैधानिक मर्यादा भूलकर भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह बर्ताव कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, जब संस्थाओं की स्वतंत्रता ही खतरे में पड़ जाए, तो सड़कों पर उतरकर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की हिफाजत करना जरूरी हो जाता है।
सचिवालय कूच की पूरी तैयारी, सुबह 10:30 बजे जुटेंगे कांग्रेसी
उत्तराखंड में इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन को धार देने के लिए प्रदेश संगठन ने पूरी ताकत झोंक दी है। तय योजना के अनुसार, 25 सितंबर 2026 की सुबह 10:30 बजे राज्यभर के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में एकत्रित होंगे। वहां से एकजुट होकर सुबह 11:00 बजे सचिवालय स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय के घेराव के लिए कूच किया जाएगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक रस्मी विरोध प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि कांग्रेस इसे सीधे जनता के वोट के अधिकार पर हमले के रूप में पेश करने की तैयारी में है। गणेश गोदियाल ने संगठन के तमाम विंग्स, जिला इकाइयों और वरिष्ठ नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे समय पर भारी संख्या में पहुंचे ताकि सरकार और आयोग पर दबाव बनाया जा सके।
चुनावी राज्य उत्तराखंड में कांग्रेस के इस आक्रामक रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का मुद्दा राजनीतिक बहसों के केंद्र में रहने वाला है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस के इस जोरदार घेराव पर शासन और चुनाव आयोग का क्या रुख सामने आता है।
