उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा के हल्दीघेरा पहुंचकर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। सीएम ने यहां करीब 7.23 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई आधुनिक गौशाला का लोकार्पण किया। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 108.84 करोड़ रुपये की कुल 15 विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
दरअसल, लंबे समय से सड़कों पर घूमते बेसहारा पशुओं को लेकर स्थानीय किसान और राहगीर परेशान थे। सीएम धामी ने इस मौके पर साफ कहा कि यह सिर्फ एक सरकारी ढांचा नहीं, बल्कि बेसहारा गोवंश के संरक्षण और सुरक्षा का मजबूत ठिकाना बनेगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर इस हल्दीघेरा गौशाला का दायरा और आगे बढ़ाने का भी ऐलान कर दिया, ताकि ज्यादा से ज्यादा गोवंश को छत मिल सके।
हल्दीघेरा गौशाला से किसानों और राहगीरों को मिलेगी राहत
सीएम ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सड़कों पर बेसहारा घूमती गायों को सुरक्षित आश्रय मिलने से न सिर्फ उनकी बेहतर देखभाल होगी, बल्कि हाईवे पर आए दिन होने वाले हादसों पर भी लगाम लगेगी। असल में, फसलों को होने वाले नुकसान से त्रस्त किसानों को इससे सीधी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का स्थान सर्वोपरि है। देवभूमि में गोसेवा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि हमारी जिम्मेदारी और आस्था का विषय है। आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के गौ सदनों में अब तक 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित पनाह दी जा चुकी है। इतना ही नहीं, राज्य में ग्राम्य गौ सेवक योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जमीन पर उतारा गया है। सरकार शहरी विकास और पंचायती राज विभाग की मदद से 63 नई जगहों पर गौशालाएं बनाने की तैयारी में है, जिनके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है।
सड़क और कनेक्टिविटी पर 34 करोड़ से ज्यादा का खर्च
कार्यक्रम के दौरान जिन 15 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ, उनमें सड़कों का नेटवर्क सुधारने पर विशेष जोर रहा। सबसे अहम परियोजना राज्य मार्ग-70 से जुड़ी है, जहां सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किलोमीटर लंबे हिस्से के उच्चीकरण पर करीब 34.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सीएम ने स्पष्ट किया कि ऊधम सिंह नगर जनपद में सड़क, पुल, बाढ़ सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार का मुख्य ध्येय है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा हो।
पशुधन से बदलेगी गांवों की आर्थिक तस्वीर
अपने संबोधन में सीएम ने गोवंश को ग्रामीण आर्थिकी से जोड़ने की रूपरेखा भी सामने रखी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की पहचान मानी जाने वाली बद्री गाय के शुद्ध घी और दुग्ध उत्पादों के बेहतर बाजार के लिए विशेष ग्रोथ सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास के साथ-साथ अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में जुटी हैं। विकास योजनाओं की यह फेहरिस्त तराई क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देगी।
