उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले 9 दिनों से स्टाइपेंड (भत्ते) बढ़ाने की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे पीजी (PG), एसआर (SR) और जेआर (JR) डॉक्टरों के बीच बुधवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल खुद पहुंचे। मंत्री ने वहां जाकर आंदोलन कर रहे सभी चिकित्सकों की बातों को बहुत ही ध्यान से सुना और उन्हें जल्द से जल्द स्टाइपेंड बढ़ाने का ठोस आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों को दिया भरोसा, सरकार पूरी तरह गंभीर
अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से आमने-सामने बातचीत की। उन्होंने चिकित्सकों को पूरा भरोसा दिलाया कि उनकी मांगें बेहद जायज हैं और सरकार इस पर पूरी गंभीरता के साथ विचार कर रही है। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने वहां मौजूद एमबीबीएस छात्रों से भी खुलकर संवाद किया और उनकी सभी समस्याओं का समय पर समाधान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्रियों के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने स्थगित किया धरना
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के इस भरोसे के बाद दून अस्पताल में पिछले 9 दिनों से धरने पर बैठे पीजी, एसआर और जेआर छात्रों ने आखिरकार अपना धरना एक निश्चित अवधि के लिए स्थगित करने का बड़ा फैसला ले लिया है। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार के सकारात्मक रुख को देखते हुए उन्होंने फिलहाल आंदोलन को विराम दिया है।
“चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे अहम कड़ी”
इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्साकर्मी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके हितों की रक्षा करना और उनकी हर समस्या का समाधान करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। सरकार हमेशा से ही डॉक्टरों के साथ बातचीत और आपसी समन्वय के जरिए हर मांग को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री के इस आश्वासन के बाद अब डॉक्टरों द्वारा धरना खत्म किए जाने से यह उम्मीद जग गई है कि जल्द ही स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई बड़ा और आधिकारिक फैसला लिया जा सकता है।
