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धामी सरकार का बड़ा धमाका! 5 साल में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

By: Sansar Live Team

On: Saturday, August 22, 2026 6:14 AM

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नई दिल्ली (22 अगस्त 2026): राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित “The Economic Times World Leaders Forum 2026” के प्रतिष्ठित मंच पर उत्तराखंड के चौमुखी विकास और प्रशासनिक सुधारों का पूरा खाका प्रस्तुत किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैश्विक प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के सामने राज्य की नई विकास नीतियों को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि में पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के बीच एक आदर्श संतुलन साधते हुए काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

5 वर्षों में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

रोजगार के आंकड़ों को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के शुरुआती बीस सालों में जहां केवल 16 हजार सरकारी भर्तियां हुई थीं, वहीं बीते पांच वर्षों के भीतर 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी पदों पर सीधी तैनाती दी जा चुकी है।

भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पेपर लीक और नकल गिरोह के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए लगभग 100 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। इस पारदर्शी चयन व्यवस्था से प्रदेश के युवाओं में दोबारा भरोसा लौटा है।

यूसीसी लागू होने से सामाजिक सुरक्षा को मिली मजबूती

समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद प्रदेश के सामाजिक स्तर पर व्यापक और सकारात्मक बदलाव दर्ज किया गया है। कानून के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के विधिक अधिकारों को एक समान कानूनी सुरक्षा मिली है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी यह व्यवस्था प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन रही है। प्रशासनिक स्तर पर इस सुधार को बेहतर सुशासन (Good Governance) के एक सफल मॉडल के तौर पर रेखांकित किया गया है।

मदरसों पर कड़ा एक्शन और आधुनिक शिक्षा प्रणाली

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े और साहसिक सुधार करते हुए पूर्ववर्ती मदरसा बोर्ड की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर ‘उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ का गठन हुआ है, ताकि सभी वर्गों के बच्चों को आधुनिक और तकनीकी पाठ्यक्रम से जोड़ा जा सके।

तय मानकों का उल्लंघन करने वाले 250 से अधिक मदरसों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, सरकारी संपत्तियों और वन भूमि पर हुए अवैध कब्जों को पूरी तरह मुक्त कराने के लिए निरंतर ध्वस्तीकरण अभियान (Demolition Drive) चलाया गया है।

औद्योगिक ढांचे का विस्तार और वैश्विक निवेश

वर्ष 2023 में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन (Global Investors Summit) के बाद उत्तराखंड के औद्योगिक ढांचे में तेज विस्तार देखा गया है। दुनिया के 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के साथ हुए करारों को धरातल पर उतारने के लिए 30 से अधिक नई क्षेत्रीय (Sectoral) नीतियां बनाई गईं।

औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली आपूर्ति और मजबूत कानून व्यवस्था का सीधा लाभ मिल रहा है। जिससे राज्य में नए निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

रेल नेटवर्क, हाईवे और हवाई कनेक्टिविटी में बड़ी छलांग

पर्वतीय क्षेत्रों की लाइफलाइन मानी जा रही 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर निर्माण कार्य अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। यह आधुनिक रेल नेटवर्क चारधाम आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों और सुदूर इलाकों के निवासियों के सफर को सुगम और सुरक्षित बनाएगा।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पूरी तरह चालू होने से राष्ट्रीय राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय घटकर बेहद कम रह गया है।

हवाई कनेक्टिविटी के मोर्चे पर देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। उधमसिंह नगर स्थित पंतनगर को एक बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब में तब्दील किया जा रहा है, जहां प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही, हरिद्वार और आसपास के मैदानी क्षेत्र नए मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में स्थापित हुए हैं।

धार्मिक पर्यटन में रिकॉर्ड उछाल और पलायन पर रोक

राज्य में धार्मिक और सीमांत पर्यटन के आंकड़ों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज हुआ है। चारधाम यात्रा के शुरुआती चरण में ही 47 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे, जबकि कांवड़ मेले में रिकॉर्ड करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं की आमद दर्ज की गई।

आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज होने से स्थानीय ग्रामीणों को अपने गांवों में ही होमस्टे, लोकल ट्रांसपोर्ट और स्थानीय उत्पादों के जरिए नियमित रोजगार मिल रहा है। सीमांत गांवों को केंद्र सरकार की ‘प्रथम गांव’ (Vibrant Villages) नीति के तहत तेजी से विकसित किया गया है।

सर्दियों के महीनों में होने वाले स्थानीय पलायन को रोकने के लिए हर्षिल-मुखवा जैसे बर्फबारी वाले इलाकों को विंटर टूरिज्म सेंटर (Winter Tourism Center) के रूप में उभारा जा रहा है। साल के बारह महीने पर्यटन जारी रहने से स्थानीय ढाबों, गाइडों और ट्रांसपोर्टरों की आय में निरंतरता आई है। यही वजह है कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूचकांक में उत्तराखंड शीर्ष पायदान पर बरकरार है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हरिद्वार महाकुंभ 2027 का न्योता

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइंस और मॉडर्न टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने विशेष ‘नवाचार नीति’ लागू की है। राज्य सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था में तकनीकी दक्षता को अनिवार्य मानकर आगे बढ़ रही है।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ के लिए बुनियादी ढांचे, सुरक्षा तंत्र और घाटों के विस्तार का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं और मंच पर मौजूद सभी वैश्विक प्रतिनिधियों को जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।

डिस्क्लोमर: यह समाचार रिपोर्ट नई दिल्ली में आयोजित ‘The Economic Times World Leaders Forum 2026’ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए आधिकारिक वक्तव्य और राज्य सरकार द्वारा जारी प्रेस बयानों पर आधारित है।

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