खटीमा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने तीन दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं। इस दौरान रविवार को वह शहीद हरी किशन शिक्षण संस्थान, बगुलिया में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शामिल हुए। मौका था “जन-जन की सरकार, मुख्य सेवक आपके द्वार” अभियान का, जहां सीएम धामी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम में पहुंचते ही मुख्यमंत्री का स्वागत बेहद पारंपरिक और आत्मीय तरीके से किया गया। उन्हें फूल-मालाएं पहनाई गईं, थारू सांस्कृतिक नृत्य से उनका अभिनंदन हुआ और अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
दरअसल, इस मौके पर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई भगवान हनुमान की एक बेहद खूबसूरत पंचमुखी तस्वीर भी भेंट की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर औपचारिक रूप से कार्यक्रम की शुरुआत की। मंच संभालने से पहले सीएम धामी ने वहां लगे विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण किया और ग्रामोत्थान परियोजना के तहत सदभावना सीएलएफ द्वारा संचालित ‘दीदी कैफे’ का फीता काटकर उद्घाटन भी किया।

केंद्र और राज्य की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज देश विकास, सुशासन और जनकल्याण के एक बिल्कुल नए दौर में प्रवेश कर चुका है। केंद्र सरकार ने बीते सालों में गरीब, किसान, महिला और युवाओं को ध्यान में रखकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिससे देश की दशा और दिशा दोनों बदली है।
असल में, सीएम धामी ने मंच से जनता को याद दिलाया कि कैसे आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी बड़ी योजनाओं ने देश के करोड़ों लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार ने न सिर्फ नीतियां बनाईं, बल्कि पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर भ्रष्टाचार पर करारी चोट की है। यही वजह है कि आज सरकारी योजनाओं का पैसा बिचौलियों के पास जाने के बजाय सीधे जनता के बैंक खातों तक पहुंच रहा है।
उत्तराखंड में ऐतिहासिक कदम और जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उत्तराखंड सरकार पूरे सूबे के चहुंमुखी विकास के लिए दिन-रात काम कर रही है। चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, या फिर सड़क, पेयजल, पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी, हर क्षेत्र में काम की रफ्तार दोगुनी हो चुकी है। राज्य सरकार के बड़े फैसलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करना एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून भी लाया गया है।

बताया जा रहा है कि सरकार ने सूबे में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रखी है। भर्तियों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है ताकि योग्य युवाओं को उनका हक मिल सके। सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार का इकलौता मकसद समाज की आखिरी कतार में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है, और “जन-जन की सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम इसी संकल्प को जमीन पर उतारने का जरिया है। खटीमा को अपना परिवार बताते हुए उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि इस क्षेत्र के विकास में कभी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
खटीमा से मुख्यमंत्री का विशेष जुड़ाव
कार्यक्रम में मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने भी जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि धामी सरकार जनता की समस्याओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। अजय मौर्य के मुताबिक, खटीमा मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है, इसलिए इस इलाके से उनका एक खास और भावनात्मक लगाव है। क्षेत्र की छोटी से छोटी समस्या का भी यहां तुरंत समाधान किया जा रहा है और जो मामले बड़े स्तर के होते हैं, उन्हें खुद मुख्यमंत्री अपनी देखरेख में हल करवाते हैं।
करोड़ों की सौगात और सीधे जनता को लाभ
इस कार्यक्रम के दौरान मंच से विकास योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे मदद और चेक सौंपे गए, जो इस प्रकार हैं:
- मत्स्य विभाग: ओर्नामेंटल फिश यूनिट निर्माण के लिए संजीत कुमार को 1.80 लाख रुपये और परदेशी राय को 1.20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई।
- कृषि विभाग: रुद्रपुर की शशिकांत वर्मा कृषि समाधान समिति, सृजन स्वयं सहायता समूह और अन्य समूहों को 80% सब्सिडी पर फार्म मशीनरी बैंक के लिए लाखों रुपये का अनुदान दिया गया। साथ ही 22 किसानों को खाद बांटी गई।
- सहकारिता विभाग: पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत 8 लोगों को शून्य ब्याज दर पर 1-1 लाख रुपये के लोन के चेक सौंपे गए।
- अन्य विभाग: समाज कल्याण विभाग की तरफ से 10 जरूरतमंदों को सहायक उपकरण मिले, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने जननी सुरक्षा योजना के तहत 5 महिलाओं को लाभान्वित किया।
इस बेहद खास मौके पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति समेत कई आला अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी तादाद में आम लोग मौजूद रहे।
