हल्द्वानी। हल्द्वानी का राजनीतिक गलियारा शनिवार को कुछ खास भावुक रहा। उत्तराखंड की राजनीति में ‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर दिवंगत डॉ. इंदिरा हृदयेश की पुण्यतिथि के अवसर पर शहर में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं और स्थानीय प्रबुद्धजनों ने एकजुट होकर उन्हें याद किया और उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प दोहराया। दरअसल, डॉ. इंदिरा हृदयेश का नाम केवल एक राजनेता का नहीं, बल्कि विकास और संघर्ष का पर्याय माना जाता है।
श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे नेताओं ने डॉ. हृदयेश के साथ बिताए अपने अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के युवा नेता मोहम्मद तोहिद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मोहम्मद तोहिद ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही इस मौके को एक मंच के तौर पर उपयोग करते हुए वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्य के समसामयिक राजनीतिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी चुनौतियों पर लंबी चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह डॉ. हृदयेश की कार्यशैली आज भी नए नेताओं के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है।
विकास और संघर्ष की मिसाल थीं डॉ. इंदिरा डॉ. इंदिरा हृदयेश के बारे में बात करते हुए स्थानीय लोगों की आंखें अक्सर नम हो जाती हैं। उनका लंबा राजनीतिक करियर संघर्ष और जनसेवा के अनगिनत किस्सों से भरा रहा है। एक ऐसी नेता, जो केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज को मुखर करने के लिए जानी जाती थीं। हल्द्वानी के विकास में उनका योगदान किसी से छिपा नहीं है। उनके कार्यकाल के दौरान हुए बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को आज भी शहर की तरक्की की नींव माना जाता है। उन्होंने कभी भी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया, और यही कारण है कि विरोधी दल के नेता भी उनका सम्मान करते थे।
राजनीतिक सरगर्मियों का केंद्र बनी श्रद्धांजलि सभा श्रद्धांजलि सभा के बहाने उत्तराखंड की राजनीति में सुगबुगाहट भी देखने को मिली। जब अलग-अलग दलों के नेता एक मंच पर जुटते हैं, तो राजनीतिक चर्चाओं का होना स्वाभाविक है। हालांकि, यह सभा पूरी तरह से उन्हें समर्पित थी, लेकिन नेताओं के बीच जनहित के मुद्दों पर हुई बातचीत ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में जनता से जुड़े विषयों को लेकर राजनीतिक दल अपनी सक्रियता और बढ़ाएंगे। मोहम्मद तोहिद जैसे युवा नेताओं का वरिष्ठों के साथ संवाद इस बात की तस्दीक करता है कि राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव के साथ-साथ संवाद की निरंतरता बनी रहनी चाहिए।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा डॉ. इंदिरा हृदयेश का जीवन वाकई युवाओं के लिए एक खुली किताब की तरह है। चाहे वह महिला सशक्तिकरण का मुद्दा हो या फिर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार, उन्होंने हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व किया। श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए युवाओं का कहना था कि डॉ. हृदयेश ने जिस तरह से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खुद को स्थापित किया, वह आज की नई पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।
उम्मीद यही है कि डॉ. इंदिरा हृदयेश के प्रति दिखाई गई यह श्रद्धा केवल एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि उनके द्वारा स्थापित मूल्यों और जनसेवा के जज्बे को शहर के नेता और युवा आने वाले वर्षों में भी जीवित रखेंगे।
