देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। उन्होंने शासन के बड़े अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दे दी है कि विकास कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंगलवार को सचिवालय में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के दौरान सीएम का सख्त अंदाज देखने को मिला। उन्होंने साफ कर दिया कि अगर किसी भी अफसर की लापरवाही की वजह से कोई प्रोजेक्ट लटकता है, तो सीधे तौर पर उसकी जवाबदेही तय होगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पांच विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं पर पैनी नजर
मुख्यमंत्री धामी ने इस बैठक में विशेष रूप से पांच महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों— थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग की घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने एक-एक प्रोजेक्ट की फाइल खंगाली और अधिकारियों से पूछा कि काम की रफ्तार धीमी क्यों है। सीएम ने निर्देश दिए कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए और फाइलों को मेज पर दबाकर रखने का दौर अब खत्म होना चाहिए।
पहाड़ों में हेली-एंबुलेंस बचाएगी जान
उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सीएम धामी ने स्वास्थ्य और शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश दिए कि दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में बीमारों और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए हेली-एंबुलेंस की सुविधा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। आपको बता दें कि इस साल राज्य सरकार ने नागरिक उड्डयन और कनेक्टिविटी के लिए बजट में 52.5 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है, जिसका बड़ा हिस्सा एयर-एंबुलेंस और हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने में खर्च होगा।
चारधाम यात्रा: 10 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, चुनौतियां बड़ी
19 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर भी बैठक में अहम चर्चा हुई। इस बार यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है और अब तक 10 लाख से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके हैं। सीएम ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़कों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाए। साथ ही, उन्होंने होटल एसोसिएशन की समस्याओं, विशेषकर कमर्शियल सिलेंडरों के मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और नियमित बैठकें करने का भरोसा दिया।
मानसून से पहले बाढ़ रोकने की तैयारी
आने वाले मानसून सीजन को लेकर भी सरकार सतर्क है। सीएम ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि बारिश शुरू होने से पहले सभी बाढ़ नियंत्रण कार्य पूरे कर लिए जाएं। देहरादून प्रशासन ने हाल ही में 28 संवेदनशील जगहों पर नदियों के चैनलाइजेशन (नदी के बहाव को सही करना) और ड्रेजिंग को मंजूरी दी है। इसे पूरे प्रदेश में एक मॉडल की तरह लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को भी निर्देश दिए कि पर्यावरण नियमों के चक्कर में विकास कार्य न रुकें, इसके लिए अलग से फाइलों का निस्तारण किया जाए।
इस अहम बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी के साथ विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, आशा नौटियाल और विनोद कंडारी भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी वरिष्ठ सचिवों को विधायकों द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता पर सुलझाने का जिम्मा सौंपा गया है।
