देहरादून: उत्तराखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है। अगर आप देवभूमि के निवासी हैं, तो अगले महीने जब आपके हाथ में बिजली का बिल आएगा, तो उसका बढ़ा हुआ आंकड़ा आपको चौंका सकता है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली का आधिकारिक फरमान जारी कर दिया है। अब आपको प्रति यूनिट 11 पैसे से लेकर 47 पैसे तक का अतिरिक्त बोझ उठाना होगा।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं बिजली के दाम?
यूपीसीएल (UPCL) प्रबंधन ने इस बढ़ोतरी के पीछे की वजह साफ कर दी है। विभाग का कहना है कि पिछले महीने बाजार से जो बिजली खरीदी गई, उसकी कीमतें नियामक आयोग द्वारा तय की गई दरों से काफी ज्यादा थीं। नियम कहते हैं कि जब भी निगम को बाहर से महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है, तो उसका सीधा बोझ सरचार्ज के रूप में जनता की जेब पर डाल दिया जाता है। राहत की बात बस इतनी है कि यह आदेश फिलहाल केवल इसी महीने के बिलों के लिए प्रभावी होगा, यानी यह कोई स्थाई बढ़ोतरी नहीं है।
मांग और आपूर्ति का खेल: कब मिलती है राहत?
बिजली की दरों में यह उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है। दरअसल, पूरे देश में ऊर्जा निगमों के लिए एक तय प्रोटोकॉल है- अगर बाजार में बिजली सस्ती मिले तो जनता को छूट दी जाए और अगर महंगी मिले तो वसूली की जाए। आंकड़ों को देखें तो पिछले एक साल (12 महीने) में यूपीसीएल ने करीब 7 बार उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली का फायदा भी दिया है। लेकिन फिलहाल गर्मी बढ़ने और मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण बाजार में बिजली के दाम आसमान छू रहे हैं।
नियामक आयोग का बड़ा फैसला: क्या टैरिफ बढ़ेगा?
एक तरफ जहां यूपीसीएल ने यह अस्थायी सरचार्ज लगाया है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने जनता को एक बड़ी राहत भी दी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यूपीसीएल ने बिजली दरों (टैरिफ) में 17 से 40 फीसदी की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था, जिसे आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग ने वर्तमान दरों को स्थिर रखने का निर्देश दिया है। हालांकि, FPPCA जैसे मासिक बदलाव इस दायरे से बाहर रहते हैं, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं के मंथली बिल में उतार-चढ़ाव बना रहता है।
जानिए आपकी श्रेणी में कितना बढ़ा बोझ (प्रति यूनिट पैसे में)
विभिन्न श्रेणियों के लिए नई दरें कुछ इस प्रकार तय की गई हैं। घरेलू उपभोक्ताओं पर 11 से 31 पैसे का भार पड़ेगा, जबकि कमर्शियल (अघरेलू) कनेक्शन वालों को 44 पैसे अतिरिक्त देने होंगे। सरकारी पब्लिक यूटिलिटी के लिए 41 पैसे और प्राइवेट ट्यूबवेल के लिए 13 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। कृषि क्षेत्र में 19 से 22 पैसे और इंडस्ट्री (LT-HT) के लिए 40 पैसे का सरचार्ज लगेगा। मिक्स लोड, रेलवे और ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए यह 38 पैसे तय किया गया है, वहीं निर्माण कार्यों (अस्थायी आपूर्ति) के लिए सबसे ज्यादा 47 पैसे वसूले जाएंगे।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में बिजली की उपलब्धता बढ़ती है और कीमतें गिरती हैं, तो अगले बिलिंग चक्र में उपभोक्ताओं को इसका लाभ भी मिल सकता है। फिलहाल, अप्रैल के बिल में यह सरचार्ज जुड़कर आना तय है।
