देहरादून। उत्तराखंड की रेल कनेक्टिविटी को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य को तीन बड़ी सौगातें दी हैं। रेल मंत्रालय ने बांद्रा टर्मिनस से दिल्ली आने वाली लोकप्रिय गरीब रथ एक्सप्रेस को अब सीधे हरिद्वार जंक्शन तक चलाने का फैसला किया है। इसके साथ ही गुजरात के दो प्रमुख शहरों के लिए हरिद्वार से दो नई एसी एक्सप्रेस ट्रेनें भी मंजूर कर दी गई हैं।
इन फैसलों से पश्चिमी भारत से हरिद्वार पहुंचना पहले से कहीं आसान हो जाएगा। खासकर चारधाम यात्रा और हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गुजरात-मुंबई से सीधा जुड़ाव
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अहम फैसले से जुड़ा पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजा है। योजना के तहत बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ अब अपने निर्धारित सफर से आगे बढ़कर हरिद्वार तक फेरे लगाएगी। इसके अलावा रेलवे प्रशासन ने हरिद्वार से वेरावल और हरिद्वार से ओखा के बीच दो बिल्कुल नई एसी एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की मंजूरी भी दे दी है।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, इन नई सेवाओं से पश्चिमी राज्यों से आने वाले व्यापारिक और धार्मिक यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त जद्दोजहद के सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। बताया जा रहा है कि इन विस्तारित और नई ट्रेनों की विस्तृत समय-सारणी जल्द जारी की जाएगी, जिसके बाद टिकटों की बुकिंग शुरू हो जाएगी।
चारधाम यात्रियों और व्यापारियों को राहत
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और पर्यटन प्रधान राज्य के लिए मजबूत रेल तंत्र हमेशा से रीढ़ की हड्डी माना जाता है। मुख्यमंत्री धामी ने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि बेहतर परिवहन व्यवस्था से प्रदेश के भीतर पर्यटन, तीर्थाटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
असल में पिछले कुछ वर्षों में राज्य के भीतर और बाहर दोनों मोर्चों पर रेलवे नेटवर्क का दायरा तेजी से फैला है। त्योहारों या पीक सीजन के दौरान ट्रेनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच इन नई सेवाओं के जुड़ने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
असल में गरीब रथ एक्सप्रेस कम किराए में एसी सफर की वजह से यात्रियों के बीच खास लोकप्रिय रही है। दिल्ली से आगे हरिद्वार तक इसके विस्तार से मुंबई से सीधा देवभूमि का सफर संभव होगा, जिससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। बताया जा रहा है कि हर साल बड़ी संख्या में गुजरात और महाराष्ट्र के यात्री हरिद्वार आते हैं।
वहीं हरिद्वार से वेरावल और ओखा तक की नई ट्रेनें गुजरात के उन श्रद्धालुओं को राहत देंगी, जो हरिद्वार-ऋषिकेश की ओर रुख करते हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन रूटों पर यात्री भार हमेशा से अधिक रहा है, इसलिए सीधी कनेक्टिविटी की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
स्थानीय यात्रियों और व्यापारिक संगठनों का मानना है कि इन ट्रेनों के संचालन से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि होटल, परिवहन और स्थानीय बाजारों के कारोबार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। दरअसल, गुजरात और मुंबई से हरिद्वार आने वाले यात्रियों की संख्या हमेशा से अधिक रहती है, और सीधी ट्रेन सुविधा से तीर्थाटन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, समय-सारणी जारी होते ही इन ट्रेनों का शेड्यूल सार्वजनिक कर दिया जाएगा। उसके बाद यात्री अपनी यात्रा की योजना उसी हिसाब से बना सकेंगे।









